12 जनवरी 2028 को सिएटल का पंचांग

बुधवार, 12 जनवरी 2028, सिएटल, संयुक्त राज्य। समय America/Los_Angeles में है।

बुधवार, 12 जनवरी 2028 को सिएटल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (16:37 तक), नक्षत्र पुष्य (03:07, 13 जन॰ तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 07:54 पर और सूर्यास्त 16:40 पर है। राहुकाल 12:17 से 13:23 तक है।

दिन और रात
दिन 07:54 – 16:40
रात 07:54 तक
तिथि
प्रतिपदा, 16:37 तक
द्वितीया
नक्षत्र
पुष्य, 03:07 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 जनवरी 2028 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 16:37 तक
कृष्ण द्वितीया 13:09, 13 जन॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 03:07, 13 जन॰ तक
आश्लेषा 00:26, 14 जन॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 00:21, 13 जन॰ तक
प्रीति 20:17, 13 जन॰ तक
करण
कौलव 16:37 तक
तैतिल 02:53, 13 जन॰ तक
गर 13:09, 13 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:54
सूर्यास्त
16:40
चंद्रोदय
17:43
चंद्रास्त
08:24
दिनमान
8h 46m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:52 – 06:53
अभिजीत मुहूर्त
12:00 – 12:35 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:17 – 13:23
यमगंड
09:00 – 10:06
गुलिक काल
11:11 – 12:17

12 जनवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:54 – 09:00शुभ
अमृत09:00 – 10:06शुभ
काल10:06 – 11:11टालें
शुभ11:11 – 12:17शुभ
रोग12:17 – 13:23टालें
उद्वेग13:23 – 14:29टालें
चर14:29 – 15:35सामान्य
लाभ15:35 – 16:40शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग16:40 – 18:34टालें
शुभ18:34 – 20:29शुभ
अमृत20:29 – 22:23शुभ
चर22:23 – 00:17सामान्य
रोग00:17 – 02:11टालें
काल02:11 – 04:05टालें
लाभ04:05 – 05:59शुभ
उद्वेग05:59 – 07:54टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:5408:38दिन
चंद्र08:3809:22दिन
शनि09:2210:06दिन
गुरु10:0610:50दिन
मंगल10:5011:33दिन
सूर्य11:3312:17दिन
शुक्र12:1713:01दिन
बुध13:0113:45दिन
चंद्र13:4514:29दिन
शनि14:2915:13दिन
गुरु15:1315:56दिन
मंगल15:5616:40दिन
सूर्य16:4017:56रात
शुक्र17:5619:13रात
बुध19:1320:29रात
चंद्र20:2921:45रात
शनि21:4523:01रात
गुरु23:0100:17रात
मंगल00:1701:33रात
सूर्य01:3302:49रात
शुक्र02:4904:05रात
बुध04:0505:21रात
चंद्र05:2106:38रात
शनि06:3807:54रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
14 जन॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
14 जन॰ 2028मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
18 जन॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
21 जन॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
23 जन॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
25 जन॰ 2028माघ अमावस्याअमावस्या
30 जन॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
6 फ़र॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
8 फ़र॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
9 फ़र॰ 2028माघ पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां सिएटल में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2486° (लाहिड़ी)। समय सिएटल (America/Los_Angeles) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।