13 जनवरी 2028 को सिएटल का पंचांग

गुरुवार, 13 जनवरी 2028, सिएटल, संयुक्त राज्य। समय America/Los_Angeles में है।

गुरुवार, 13 जनवरी 2028 को सिएटल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (13:09 तक), नक्षत्र आश्लेषा (00:26, 14 जन॰ तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 07:54 पर और सूर्यास्त 16:42 पर है। राहुकाल 13:24 से 14:30 तक है।

दिन और रात
दिन 07:54 – 16:42
रात 07:53 तक
तिथि
द्वितीया, 13:09 तक
तृतीया
नक्षत्र
आश्लेषा, 00:26 तक
मघा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 जनवरी 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 13:09 तक
कृष्ण तृतीया 09:47, 14 जन॰ तक
नक्षत्र
आश्लेषा 00:26, 14 जन॰ तक
मघा 21:55, 14 जन॰ तक
योग
प्रीति 20:17 तक
आयुष्मान 16:21, 14 जन॰ तक
करण
गर 13:09 तक
वणिज 23:27 तक
विष्टि (भद्रा) 09:47, 14 जन॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 00:26, 14 जन॰ तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:54
सूर्यास्त
16:42
चंद्रोदय
19:11
चंद्रास्त
08:54
दिनमान
8h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:52 – 06:53
अभिजीत मुहूर्त
12:00 – 12:35

अशुभ समय

राहुकाल
13:24 – 14:30
यमगंड
07:54 – 09:00
गुलिक काल
10:06 – 11:12

13 जनवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ07:54 – 09:00शुभ
रोग09:00 – 10:06टालें
उद्वेग10:06 – 11:12टालें
चर11:12 – 12:18सामान्य
लाभ12:18 – 13:24शुभ
अमृत13:24 – 14:30शुभ
काल14:30 – 15:36टालें
शुभ15:36 – 16:42शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत16:42 – 18:36शुभ
चर18:36 – 20:29सामान्य
रोग20:29 – 22:23टालें
काल22:23 – 00:17टालें
लाभ00:17 – 02:11शुभ
उद्वेग02:11 – 04:05टालें
शुभ04:05 – 05:59शुभ
अमृत05:59 – 07:53शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु07:5408:38दिन
मंगल08:3809:22दिन
सूर्य09:2210:06दिन
शुक्र10:0610:50दिन
बुध10:5011:34दिन
चंद्र11:3412:18दिन
शनि12:1813:02दिन
गुरु13:0213:46दिन
मंगल13:4614:30दिन
सूर्य14:3015:14दिन
शुक्र15:1415:58दिन
बुध15:5816:42दिन
चंद्र16:4217:58रात
शनि17:5819:14रात
गुरु19:1420:29रात
मंगल20:2921:45रात
सूर्य21:4523:01रात
शुक्र23:0100:17रात
बुध00:1701:33रात
चंद्र01:3302:49रात
शनि02:4904:05रात
गुरु04:0505:21रात
मंगल05:2106:37रात
सूर्य06:3707:53रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
14 जन॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
14 जन॰ 2028मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
18 जन॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
21 जन॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
23 जन॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
25 जन॰ 2028माघ अमावस्याअमावस्या
30 जन॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
6 फ़र॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
8 फ़र॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
9 फ़र॰ 2028माघ पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां सिएटल में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2487° (लाहिड़ी)। समय सिएटल (America/Los_Angeles) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।