10 अक्टूबर 2029 को सिएटल का पंचांग

बुधवार, 10 अक्टूबर 2029, सिएटल, संयुक्त राज्य। समय America/Los_Angeles में है।

बुधवार, 10 अक्टूबर 2029 को सिएटल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (22:06 तक), नक्षत्र विशाखा (08:07 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 07:21 पर और सूर्यास्त 18:29 पर है। राहुकाल 12:55 से 14:19 तक है।

दिन और रात
दिन 07:21 – 18:29
रात 07:23 तक
तिथि
चतुर्थी, 22:06 तक
पंचमी
नक्षत्र
अनुराधा, 05:59 तक
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 अक्टूबर 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 22:06 तक
शुक्ल पंचमी 19:34, 11 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 08:07 तक
अनुराधा 05:59, 11 अक्टू॰ तक
ज्येष्ठा 04:26, 12 अक्टू॰ तक
योग
प्रीति 08:08 तक
आयुष्मान 04:36, 11 अक्टू॰ तक
सौभाग्य 01:32, 12 अक्टू॰ तक
करण
वणिज 11:35 तक
विष्टि (भद्रा) 22:06 तक
बव 08:46, 11 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:21
सूर्यास्त
18:29
चंद्रोदय
11:27
चंद्रास्त
20:07
दिनमान
11h 8m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:39 – 06:30
अभिजीत मुहूर्त
12:33 – 13:18 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:55 – 14:19
यमगंड
08:45 – 10:08
गुलिक काल
11:32 – 12:55

10 अक्टूबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:21 – 08:45शुभ
अमृत08:45 – 10:08शुभ
काल10:08 – 11:32टालें
शुभ11:32 – 12:55शुभ
रोग12:55 – 14:19टालें
उद्वेग14:19 – 15:42टालें
चर15:42 – 17:06सामान्य
लाभ17:06 – 18:29शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:29 – 20:06टालें
शुभ20:06 – 21:43शुभ
अमृत21:43 – 23:19शुभ
चर23:19 – 00:56सामान्य
रोग00:56 – 02:33टालें
काल02:33 – 04:09टालें
लाभ04:09 – 05:46शुभ
उद्वेग05:46 – 07:23टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:2108:17दिन
चंद्र08:1709:13दिन
शनि09:1310:08दिन
गुरु10:0811:04दिन
मंगल11:0412:00दिन
सूर्य12:0012:55दिन
शुक्र12:5513:51दिन
बुध13:5114:47दिन
चंद्र14:4715:42दिन
शनि15:4216:38दिन
गुरु16:3817:34दिन
मंगल17:3418:29दिन
सूर्य18:2919:34रात
शुक्र19:3420:38रात
बुध20:3821:43रात
चंद्र21:4322:47रात
शनि22:4723:52रात
गुरु23:5200:56रात
मंगल00:5602:00रात
सूर्य02:0003:05रात
शुक्र03:0504:09रात
बुध04:0905:14रात
चंद्र05:1406:18रात
शनि06:1807:23रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
10 अक्टू॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
17 अक्टू॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
17 अक्टू॰ 2029तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
19 अक्टू॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
21 अक्टू॰ 2029आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
26 अक्टू॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
30 अक्टू॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
2 नव॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
3 नव॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
5 नव॰ 2029कार्तिक अमावस्याअमावस्या

तिथियां सिएटल में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2730° (लाहिड़ी)। समय सिएटल (America/Los_Angeles) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।